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कविताएँ
सब आपका है !
यह बात बिल्कुल सही है। जो कुछ भी मैंने लिखा है, उसमें मेरा कुछ भी नहीं है। यह सब तजुर्बा आपका है, आपका है और केवल आपका है। मसाला इसमें हर खाप का है, नहीं किसी एक के बाप का है। आप पूरा पढ़े, पर अपनाए वही जो अपने नाप का है। वजन उतना ही उठाए, जो आपके माप का है। सवाल नहीं यहाँ हरि जाप का है। पर जो कुछ भी है, मामला टाप का है। पर सब आपका है। आपका है और केवल आपका है॥ Next >>> सर्व सम्मेलन |
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